RCB के बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल पर दो बड़े मामले चल रहे हैं: पहला मामला जयपुर में POCSO एक्ट के तहत है, जिसमें उन पर 2023 से शुरू होकर कई बार एक नाबालिग (उस समय 17 साल की) के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप है, जिसके लिए उन्होंने क्रिकेट करियर में मदद करने का वादा किया था; और दूसरा मामला गाजियाबाद में है, जिसमें उन पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप है। जयपुर में FIR जुलाई 2025 में सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जिसमें IPL ड्यूटी के दौरान एक होटल में भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। वह सभी आरोपों से इनकार करते हैं, और जहां लागू होता है, वहां आपसी सहमति से संबंध होने का दावा करते हैं।
अदालत की स्थिति
किसी भी अदालत ने दयाल को दोषी नहीं ठहराया है; मामलों की जांच अभी भी चल रही है। जयपुर की एक विशेष POCSO अदालत ने 24 दिसंबर 2025 को उनकी अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने पीड़िता के बयान, सबूतों और आरोपों की गंभीरता का हवाला दिया—और नाबालिगों से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने पर ज़ोर दिया—लेकिन इसे दोषी ठहराना नहीं माना जा सकता।
RCB का फैसला
RCB के डायरेक्टर मो बोबाट ने कहा कि दयाल IPL 2026 की टीम में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से यह माना कि उनकी निजी समस्याओं को देखते हुए यही सबसे सही फैसला है; RCB उनका समर्थन करती है और उनके संपर्क में बनी रहेगी। विवादों के बावजूद, उन्होंने नीलामी से पहले दयाल को टीम में बनाए रखा, क्योंकि वे IPL 2025 में उनकी भूमिका (खिताब जीतने में 13 विकेट) को काफी महत्व देते हैं।
भविष्य की संभावनाएं
दयाल का IPL 2026 में खेलना अब तय नहीं है, लेकिन उनका कॉन्ट्रैक्ट अभी भी बरकरार है—उनका भविष्य कानूनी फैसले पर निर्भर करेगा। BCCI द्वारा किसी भी तरह के निलंबन की कोई खबर नहीं है; अगर वह आरोपों से बरी हो जाते हैं, तो वह टीम में वापसी कर सकते हैं, हालांकि इन आरोपों की वजह से उनके क्रिकेट करियर पर काफी गहरा असर पड़ सकता है।
